पतंजलि कोरोनिल क़े फायदे !

 कोरोनिल किट मे क्या है? 



रामदेव के मुताबिक, पतंजलि की 'दिव्‍य कोरोना किट' में तीन चीजें हैं- कोरोनिल, श्‍वसारि वटी और अणु तेल। पतंजलि की ये दवा अप्रूव्‍ड है? बाबा रामदेव का दावा है कि उन्‍होंने दवा के लिए पहले एथिकल अप्रूवल लिया, फ‍िर भारत की क्लिनिकल ट्रायल रजिस्‍ट्री (CTIR) से ट्रायल की परमिशन ली। इसके बाद दवा का ट्रायल शुरू हुआ। उन्‍होंने कहा कि इस दवा का क्रिटिकल पेशंट्स पर सेकेंड ट्रायल होगा। रामदेव का दावा है कि इस दवा को लॉन्‍च करने तक सारे वैज्ञानिक नियमों का पालन किया गया है। भारत में आयुर्वेदिक दवाओं को मंजूरी देने का जिम्‍मा आयुष मंत्रालय के पास है। सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज पूरी प्रक्रिया पर नजर रखती है। वहीं, एलोपैथिक दवाओं को डायरेक्‍टरेट जनरल ऑफ हेल्‍थ सर्विसिज के तहत आने वाले सेंट्रल ड्रग्‍स स्‍टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) अप्रूव करती है। हाल ही में इसने कोरोना के इलाज के लिए तीन दवाओं- Fabiflu, Covifor, Cipremi को मंजूरी दी है। कोरोनिल के साइड-इफेक्‍ट्स भी हैं क्‍या? किसी भी दवा को यूज करने पर उसके साइड-इफेक्‍ट्स का खतरा रहता है। हालांकि रामदेव के मुताबिक, उनकी 'दिव्‍य कोरोना किट' का कोई साइड इफेक्‍ट नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि ये सब जड़ी-बूटियों से मिलाकर बनाया है, इसका शरीर पर कोई नकरात्‍मक असर नहीं मिला है। कोरोना पर कैसे वार करेगी कोरोनिल? कोरोनिल टैबलेट में गिलोय, तुलसी और अश्‍वगंधा मूल घटक हैं। यह इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करते हुए मधुमेह और ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। रामदेव के मुताबिक, अश्‍वगंधा RNA कोविड-19 के रिसेप्‍टर-बाइंडिंग डोमेन (RBD) को शरीर के ऐंजियोटेंसिन-कन्‍वर्टिंग एंजाइम (ACE) से नहीं मिलने देता। यानी कोरोना इंसानी शरीर की स्‍वस्‍थ्‍य कोशिकाओं में घुस नहीं पाता। वहीं गिलोय कोरोना संक्रमण को रोकता !श्‍वसारि वटी से मरीज को क्‍या फायदा? रामदेव का दावा है कि श्‍वसारि वटी शरीर के श्‍वसन तंत्र को दुरुस्‍त करती है। ऑक्‍सीजन की मात्रा संतुलित करने में मदद करती है। कोरोना से होने वाली अन्‍य बीमारियों- सर्दी, जुकाम और बुखार में भी असरदार। अणु तेल की इलाज में क्‍या जरूरत? रामदेव के अनुसार, अणु तेल को नाक में डाला जाता है। यह कोरोना के श्‍वसन नली पर पड़ने वाले असर को खत्‍म करता है। रामदेव के मुताबिक, यह नली की हर कॉम्प्लिकेशन को पेट में ले जाता है जहां बॉडी के एसिड उसे खत्‍म कर देते हैं। 

कब-कब कैसे करना है इनका सेवन?



 रामदेव ने इन दवाइयों को इस्‍तेमाल करने का तरीका भी समझाया। उनके मुताबिक, खाने के बाद तीन-तीन कोरोनिल टैबलेट दिन में तीन बार लेनी है। श्‍वसारि वटी को खाली पेट तीन-तीन गोली दिन में तीन बार लेनी है। वहीं, अणु तेल को सुबह नाक में तीन से पांच बूंद डालना है। 

ये आयुर्वेदिक दवा कितनी असरदार है? 

पतंजलि के अनुसार, दवाओं को बताए गए अनुपात में लेने से तीन आराम होना शुरू हो जाता है !

कहां से खरीदें ये दवा, घर पर कैसे मंगाए?

रामदेव के मुताबिक, order me ऐप के जरिए आप घर बैठे कोरोना की दवा मंगा सकेंगे, या पतंजलि स्टोर पर उलब्ध  है !

​कहां बनाई जा रही है ये दवा?

रामदेव के अनुसार, फिलहाल 'दिव्‍य कोरोना किट' का प्रॉडक्‍शन हरिद्वार की दिव्‍य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कर रहे है!

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